धान के बेहद खरतनाक रोग गर्दन तोड़ की इस तरह करें पहचान

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Dara Singh

यह धान का एक बेहद खतरनाक रोग है।

इससे धान की फसल को 100% नुक्सान हो सकता है।

यह रोग एक फंगस जनित बीमारी है।

यह फंगस पहले झंडा पत्ते और बाद मे बाली की गर्दन पर लगती है।

इसकी रोकथाम के लिए nativo (bayer) 150g + m-45 400g प्रति एकड़ इस्तेमाल करें।

आइसोप्रोथियोलेन(Isoprothiolane) 40%EC की 400m मात्रा प्रति एकड़ इस्तेमाल कर सकते हैं।

ट्राइसाइक्लाज़ोल(Tricyclazole) 75%Wp की 160g मात्रा प्रति एकड़ इस्तेमाल  करें।

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