धान के शीत ब्लाइट रोग की ऐसे कर सकते हैं बहुत आसानी से पहचान

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Dara Singh

इस रोग में पानी की सतह से थोड़ा ऊपर धान की शाखा पर हलके काले अथबा भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते है।

धान के इस खतरनाक रोग को स्टेम रॉट (stem rot) कहते है।

जब तापमान 25 से 30 डिग्री सेल्सियस एवं नमी 75 -80% के आस-पास हो तो यह रोग तेजी से फैलता है।

ये रोग आम तौर पर धान में 50 दिन से पहले दिखाई देता है।

जिन खेतों में ज्यादा मात्रा में नाइट्रोज़न का प्रयोग होता है वहां यह रोग  दिखाई देता है।

मिटटी के अंदर पोटाश की कमी होने से भी यह रोग आपके खेत में आ सकता है।

केमिकल तरीके से इसकी रोकथाम के लिए एज़ोक्सीस्ट्रोबिन 11% एवं टेबुकोनाज़ोल 18.3%  की 250ml मात्रा प्रति  एकड़ इस्तेमाल करें। 

 या फिर टेबुकोनाज़ोल 50% + ट्राइफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 25% की 160g मात्रा प्रति एकड़ इस्तेमाल करें।