धान की फसल में लग गए हैं ये रोग तो क्या है रोकथाम जाने ?

धान के प्रमुख रोगों में जीवाणु पर्ण, अंगमारी रोग, पर्ण झुलसा, पत्ती का झुलसा रोग, और 

ब्लास्ट एवं झोंका रोग, खैरा रोग, बकानी रोग, स्टेम बोरर कीट, लीफ फोल्ड कीट,अथवा 

 हॉपर, ग्रॉस हॉपर, सैनिक कीट आदि हैं. इनकी रोकथाम समय पर करनी  चाहिए.

इस रोग में पत्ती की छाल पर 2-3 सेमी लंबे हरे सफ़ेद रंग के धब्बे पड़ते हैं,

इसकी रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा विरडी 1% डब्ल्यू.पी 5-10 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें.

रोकथाम:-

 नियंत्रण के लिए कार्बेन्डाजिम (50% डब्ल्यूपी) 500 ग्राम या थायोफिनेट मिथाइल (70% डब्ल्यूपी) 1 किग्रा, तथा 

कार्बेन्डाजिम (50% डब्ल्यूपी) 500 ग्राम या कार्बेन्डाजिम (12%) के साथ मैंकोजेब (63% डब्ल्यूपी) 750 ग्राम या 

प्रोपिकोनाजोल (25% ईसी) 500 मिली या हैक्साकोनाजोल (5% ईसी) पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें. 

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